August 31, 2026

सब्जी नहीं बनाई तो पत्नी को डंडे से पीटकर मार डाला! पति को उम्रकैद

IMG-20260818-WA0010.jpg

घरघोड़ा अपर सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला—अभिलाल एक्का को आजीवन कारावास, ₹1000 अर्थदंड; आश्रितों को ₹1 लाख क्षतिपूर्ति की अनुशंसा

घरघोड़ा। महज सब्जी नहीं बनाने की बात पर गुस्से में पत्नी की बांस के डंडे से पिटाई कर उसकी जान लेने के मामले में अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी अभिलाल एक्का को पत्नी क्षमा एक्का की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी को ₹1,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।

अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा के न्यायालय ने प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया।

🔥 “मुझसे गलती हो गई… क्षमा अब इस दुनिया में नहीं है”

मामला चौकी रैरुमा खुर्द, थाना धरमजयगढ़ के अपराध क्रमांक 98/2021 से जुड़ा है। घटना 27 मई 2021 की है। पुलिस को मोबाइल से सूचना मिली थी कि ग्राम बोंकी टोला पतरापारा में अभिलाल एक्का ने अपनी पत्नी क्षमा एक्का को डंडे से पीटकर मार डाला है।

सूचना मिलते ही तत्कालीन चौकी प्रभारी जेम्स कुजूर ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

जांच के दौरान महेश एक्का ने बताया कि घटना की सुबह वह अपनी मां के साथ घर के आंगन में बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसका चचेरा भाई अभिलाल एक्का वहां पहुंचा और कहा कि उससे कुछ गलती हो गई है। जब उससे पूछा गया कि क्या हुआ, तो उसने बताया कि क्षमा एक्का अब इस दुनिया में नहीं है।

⚡ सब्जी नहीं बनाने पर आया गुस्सा, बांस का डंडा बना मौत का हथियार

मामले में सामने आए तथ्यों के अनुसार जब आरोपी के घर जाकर देखा गया तो क्षमा एक्का जमीन पर मृत पड़ी थी और उसके सिर पर चोट के निशान थे।

आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि रात में उसने पत्नी को सब्जी बनाने के लिए कहा था, लेकिन उसने सब्जी नहीं बनाई। इसी बात पर गुस्से में उसने बांस के डंडे से पत्नी के सिर और माथे पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा आरोपी की निशानदेही पर जब्त किया गया तथा स्वतंत्र गवाहों के बयान सहित अन्य साक्ष्य जुटाए गए। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

⚖️ साक्ष्यों ने पहुंचाया सलाखों के पीछे—अब पूरी जिंदगी जेल में!

न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों के परीक्षण तथा अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अभिलाल एक्का को हत्या का दोषी पाया।

अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने आरोपी को आजीवन कारावास और ₹1,000 अर्थदंड की सजा सुनाई।

💰 मृतका के आश्रितों को ₹1 लाख क्षतिपूर्ति की अनुशंसा

न्यायालय ने इसके साथ ही मृतका क्षमा एक्का के विधिक वारिसों/आश्रितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से ₹1,00,000 की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने की अनुशंसा भी की है।

मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।

चार दीवारों के भीतर सब्जी बनाने जैसी मामूली बात से शुरू हुआ गुस्सा एक महिला की जिंदगी निगल गया—अब उसी वारदात ने पति अभिलाल एक्का को उम्रकैद की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।