August 31, 2026

RTI में बड़ा पेंच! प्रथम अपील में जनसूचना अधिकारी रहे गैरहाजिर, CEO के आदेश के बाद भी पंचायत सचिव ने नहीं दी जानकारी

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15 दिन में सूचना देने का आदेश, मियाद पूरी होने के बाद भी आवेदक के हाथ खाली; आदेश के पालन पर उठे गंभीर सवाल

घरघोड़ा/रायगढ़। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर जनपद पंचायत घरघोड़ा की ग्राम पंचायत बैहामुड़ा में अब सवाल खड़े हो गए हैं। प्रथम अपील की सुनवाई में जनसूचना अधिकारी की अनुपस्थिति और बाद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत घरघोड़ा द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद निर्धारित समयसीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है।

मामला अपील प्रकरण क्रमांक 1346, दिनांक 29 जुलाई 2026 से संबंधित है। आवेदक शैलेश शर्मा द्वारा ग्राम पंचायत बैहामुड़ा से 01 अप्रैल 2023 से 31 मई 2026 तक 15वें वित्त मद से खर्च की गई राशि के मूल GST बिलों की छायाप्रति, ऑडिट रिपोर्ट, पंचायत खाते से निकाली गई प्रत्येक राशि के उद्देश्य एवं भुगतान आदेश/बिल-वाउचर तथा पंचायत बैंक खाते के पिछले तीन वर्षों के स्टेटमेंट की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।

समयसीमा में सूचना नहीं मिलने पर आवेदक ने प्रथम अपील प्रस्तुत की। 29 जुलाई 2026 को आयोजित प्रथम अपील की सुनवाई में अपीलार्थी उपस्थित रहे, जबकि जनसूचना अधिकारी अनुपस्थित रहे। आदेश में प्रथम अपीलीय अधिकारी/मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत घरघोड़ा ने भी स्पष्ट रूप से माना कि जनसूचना अधिकारी द्वारा निर्धारित समयसीमा में जानकारी/जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया।

CEO ने दिया था 15 दिन का स्पष्ट आदेश

प्रथम अपील के आदेश में जनपद पंचायत घरघोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जनसूचना अधिकारी को निर्देशित किया कि आवेदक को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से 15 दिवस के भीतर निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए।

साथ ही आदेश में यह भी कहा गया कि यदि कार्यालय में जानकारी उपलब्ध नहीं है तो आवेदक को सूचित किया जाए तथा जनसूचना अधिकारी को अनुपस्थित रहने का कारण सहित जवाब अधोहस्ताक्षरी के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

20 अगस्त को पूरी हुई समयसीमा, फिर भी जानकारी नहीं

मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा आदेश 05 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। आदेश के अनुसार 15 दिन की समयसीमा 20 अगस्त 2026 को पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद 21 अगस्त 2026 तक आवेदक को मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

अब सवाल यह है कि जब प्रथम अपील के आदेश में स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जनसूचना अधिकारी को स्पष्ट समयसीमा में सूचना देने का निर्देश दिया था, तो उस आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ?

आदेश की अवहेलना या विभागीय लापरवाही?

मामले ने पंचायत स्तर पर सूचना के अधिकार के पालन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर प्रथम अपील की सुनवाई में जनसूचना अधिकारी की अनुपस्थिति सामने आई, वहीं दूसरी ओर प्रथम अपीलीय अधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद निर्धारित समयसीमा में सूचना नहीं मिलने से आदेश के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

अब देखना होगा कि जनपद पंचायत घरघोड़ा इस मामले में संबंधित जनसूचना अधिकारी/पंचायत सचिव के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है और आवेदक को मांगी गई प्रमाणित जानकारी आखिर कब उपलब्ध कराई जाती है।

गौरतलब है कि प्रथम अपील आदेश में यह भी उल्लेख है कि आदेश से असंतुष्ट होने पर अपीलार्थी आदेश प्राप्त होने की तिथि से 90 दिवस के भीतर राज्य सूचना आयोग, रायपुर के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है।