“बरौद खदान में दबंगई का खेल या झूठी शिकायत? SP तक पहुंचा मामला, CCTV और मोबाइल लोकेशन से सच सामने लाने की मांग”
“18 अगस्त का सच CCTV और मोबाइल लोकेशन बताएगी” — महेंद्र चौधरी ने SP से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
घरघोड़ा/रायगढ़। बरौद स्थित SECL खदान क्षेत्र में कथित गुंडागर्दी, अवैध वसूली और खदान में जबरन प्रवेश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में अब 62 वर्षीय महेंद्र चौधरी निवासी घरघोड़ा ने रायगढ़ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर अपने और अपने सहयोगियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच और वास्तविक तथ्य सामने लाने की मांग की है। शिकायत में 18 अगस्त 2026 की घटना का विशेष उल्लेख किया गया है।
CCTV फुटेज से खुल सकता है 18 अगस्त की घटना का राज
महेंद्र चौधरी ने शिकायत में दावा किया है कि जिस समय 18 अगस्त की घटना का आरोप लगाया गया है, उस दौरान वह अपने घर पर थे और बाद में बाहर गए थे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अपने घर एवं आसपास के CCTV कैमरों के फुटेज, बरौद खदान क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग तथा संबंधित मोबाइल नंबर की लोकेशन की जांच कराने की मांग की है।
खदान में जबरन प्रवेश और गुंडागर्दी के आरोपों पर उठे सवाल
शिकायत में सतीश चौबे और उनके साथियों का उल्लेख करते हुए बरौद खदान में पहुंचकर कथित रूप से मारपीट/गुंडागर्दी किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि खदान में वाहन प्रवेश को लेकर कोई विवाद हुआ है तो पूरे मामले की जांच SECL प्रबंधन के रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए। ये आरोप शिकायत में लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
“पहले भी फंसाने की कोशिश हुई” — शिकायतकर्ता का दावा
महेंद्र चौधरी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि पूर्व में भी उनके खिलाफ झूठे प्रकरण में फंसाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कुछ लोगों पर षड्यंत्र कर उन्हें बदनाम करने और विवाद में घसीटने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने स्वयं को बरौद क्षेत्र का लंबे समय से निवासी बताते हुए कथित अवैध गतिविधियों में शामिल होने से इनकार किया है।
कोयला तस्करी के भी लगाए गंभीर आरोप
शिकायत के अंतिम हिस्से में कुछ लोगों पर उड़िसा , झारखंड, बिहार और बंगाल की ओर कोयला ले जाने के कथित नेटवर्क से जुड़े होने तथा “कोल्ड सिस्टम” बनाने की कोशिश के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से उनका मनोबल बढ़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है।
SP से दोटूक मांग—“गलत हूं तो कार्रवाई करें, आरोप झूठे हैं तो शिकायतकर्ताओं पर भी हो कार्रवाई”
महेंद्र चौधरी ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं यदि शिकायत झूठी और तथ्यहीन साबित होती है तो झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
अब नजर पुलिस जांच पर है। 18 अगस्त की घटना के CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और खदान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच होती है तो आरोपों और दावों के बीच छिपा सच सामने आ सकता है। शिकायत के बाद बरौद खदान विवाद में पुलिस और SECL प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर क्षेत्र की नजरें टिक गई हैं।
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