बिलासपुर के बाद अब घरघोड़ा में RBC 6-4 मुआवजे पर सवाल!❓
RTI की जानकारी मिलने के बाद खुलेगा राज—किसे मिला कितना मुआवजा, किन दस्तावेजों पर हुई स्वीकृति?
घरघोड़ा/रायगढ़। बिलासपुर में RBC 6-4 के मुआवजा प्रकरणों की जांच की खबर सामने आने के बाद अब घरघोड़ा क्षेत्र में भी इस योजना के तहत दिए गए मुआवजे को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि क्या घरघोड़ा क्षेत्र में भी मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई?
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा खुलासा RTI से प्राप्त होने वाली जानकारी के बाद होने की उम्मीद है। घरघोड़ा तहसील क्षेत्र में निर्धारित अवधि के दौरान RBC 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटना से हुई मौत के कितने प्रकरण दर्ज हुए, कितने मामलों में मुआवजा स्वीकृत हुआ, कितनी राशि जारी की गई और किन-किन परिवारों के बैंक खातों में भुगतान हुआ—इन सभी सवालों का जवाब सरकारी रिकॉर्ड से सामने आएगा।
RTI बताएगी—किसे मिला कितना मुआवजा
RTI के माध्यम से प्राप्त जानकारी में यदि प्रत्येक प्रकरण की मृत्यु का कारण, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस रिपोर्ट, पात्रता जांच, स्वीकृति आदेश और बैंक भुगतान का विवरण सामने आता है तो पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकती है।
खास तौर पर यह जांचना महत्वपूर्ण होगा कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मृत्यु का कारण और वास्तविक घटना की परिस्थितियां आपस में मेल खाती हैं या नहीं।
मुआवजा पाने वाले परिवारों से भी होगी बातचीत
इस पड़ताल में RBC 6-4 का मुआवजा प्राप्त करने वाले परिवारों से भी सीधी बातचीत की जाएगी। उनसे यह जानने का प्रयास होगा कि आवेदन कैसे हुआ, प्रक्रिया में कितना समय लगा, उन्हें कितनी राशि स्वीकृत होने की जानकारी दी गई और वास्तव में बैंक खाते में कितनी राशि पहुंची।
यदि परिवारों के बयान और सरकारी दस्तावेजों में अंतर सामने आता है तो यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु होगा।
फाइल से बैंक खाते तक होगी पड़ताल
मामला सिर्फ मुआवजा स्वीकृत होने तक सीमित नहीं रहेगा। पड़ताल में यह भी देखा जाएगा कि फाइल किस स्तर से चली, किस अधिकारी ने जांच की, किसने स्वीकृति दी और भुगतान किस खाते में हुआ।
यानी RTI के दस्तावेज, तहसील की फाइल और लाभार्थी परिवारों के बयान—तीनों का मिलान कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की कोशिश होगी।
घरघोड़ा में भी उठ रहा बड़ा सवाल❓
बिलासपुर में मुआवजा प्रकरणों की जांच ने जहां प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं अब घरघोड़ा क्षेत्र में भी यह जानना जरूरी हो गया है कि RBC 6-4 के तहत अब तक दिए गए मुआवजे की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही।
क्या हर प्रकरण में नियमों के मुताबिक जांच हुई?
क्या हर लाभार्थी वास्तव में पात्र था?
क्या स्वीकृत पूरी राशि वास्तविक हितग्राही तक पहुंची?
और क्या किसी प्रकरण में दस्तावेजों के आधार पर पात्रता को प्रभावित किया गया?
इन सवालों का जवाब RTI से मिलने वाली जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।
RTI की जानकारी के बाद खुलेगा असली राज!
घरघोड़ा में RBC 6-4 के तहत मुआवजा पाने वाले परिवारों की सूची सामने आएगी, दस्तावेज खंगाले जाएंगे और फिर होगा सवाल—मुआवजा वास्तव में हकदार तक पहुंचा या सरकारी फाइलों के बीच कहीं कोई खेल हुआ?
अब नजर RTI के जवाब पर है—क्योंकि दस्तावेज सामने आते ही खुल सकता है RBC 6-4 मुआवजे का पूरा राज।
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