घरघोड़ा में चोरी का सिलसिला बेलगाम! एक दिन बाद फिर दो दुकानों में सेंधमारी, पुलिस गश्त पर उठे सवाल
तीन दुकानों की चोरी के बाद जय स्तंभ क्षेत्र में दो और प्रतिष्ठान निशाने पर — लगातार वारदातों से व्यापारियों में आक्रोश, पुलिस की रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में
घरघोड़ा। घरघोड़ा में चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा लगातार दूसरी रात हुई चोरी की वारदातों से लगाया जा सकता है। एक दिन पहले मुख्य मार्ग की तीन दुकानों के शटर तोड़कर चोरी की घटना सामने आई थी, लेकिन पुलिस पिछली वारदात की जांच में जुटी ही थी कि बीती रात नगर के प्रमुख जय स्तंभ क्षेत्र में दो दुकानों को चोरों ने फिर निशाना बना दिया।

लगातार दो रातों में पांच दुकानों में सेंधमारी की घटनाओं ने पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और अपराध रोकने की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि जब एक रात पहले एक साथ तीन दुकानों के शटर टूटे, तो उसके अगले ही दिन चोरों ने बेखौफ होकर शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में दो और दुकानों को कैसे निशाना बना लिया?
पहले तीन दुकानें, अब दो और—आखिर रात में पुलिस कहां थी?
जानकारी के अनुसार शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे रायगढ़-घरघोड़ा मुख्य मार्ग स्थित इंडियन गैस, प्रियदर्शी शॉप और पूजा रेस्टोरेंट के शटर तोड़कर चोर अंदर घुसे थे। दुकानों में रखी नगदी समेत अन्य सामान पर हाथ साफ कर आरोपी फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात सामने आई। लेकिन इसी बीच अगली रात जय स्तंभ क्षेत्र स्थित संतोष किराना और गोकुल चंद मामराज दुकान में भी चोरी हो गई।
यानी जांच पूरी होने से पहले ही चोरों ने पुलिस को एक और चुनौती दे डाली।
पुलिस की गश्त पर सबसे बड़ा सवाल
शहर के प्रमुख बाजार और जय स्तंभ जैसे व्यस्त इलाके में लगातार चोरी होना केवल चोरों की सक्रियता का मामला नहीं है, बल्कि यह रात्रिकालीन पुलिस गश्त की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़ा करता है।
यदि बाजार क्षेत्र में रात के समय नियमित गश्त हो रही थी, तो लगातार दो रातों में चोर कई दुकानों के शटर तोड़कर वारदात को अंजाम देकर कैसे निकल गए?
क्या पुलिस की गश्त केवल कागजों और लॉगबुक तक सीमित है या वास्तव में सड़कों पर भी दिखाई देती है? यह सवाल अब व्यापारी और आम नागरिक पूछ रहे हैं।
व्यापारियों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार चोरी की घटनाओं से व्यापारियों में भय और नाराजगी बढ़ती जा रही है। दुकान बंद करने के बाद व्यापारियों को अब अगले दिन सुबह प्रतिष्ठान की स्थिति को लेकर चिंता सताने लगी है।
व्यापारियों की मांग है कि पुलिस रात में प्रभावी पेट्रोलिंग बढ़ाए, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे, सीसीटीवी फुटेज की गंभीरता से जांच करे और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे।
अब खुलासा नहीं, कार्रवाई चाहिए
लगातार सामने आ रही वारदातों के बीच अब व्यापारियों को केवल जांच और आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और नतीजे चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यही है—एक रात में तीन दुकानें और अगले ही दिन दो दुकानें निशाने पर आ गईं, तो क्या पुलिस की रणनीति चोरों से एक कदम पीछे चल रही है?
घरघोड़ा में बढ़ती चोरी की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस की रात्रिकालीन गश्त को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस इन वारदातों का कितनी जल्दी खुलासा करती है और क्या चोरी के इस सिलसिले पर वास्तव में ब्रेक लग पाता है या चोर इसी तरह पुलिस व्यवस्था को चुनौती देते रहेंगे।
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