August 29, 2026

ईडब्ल्यूएस भूमि के बिना प्लाटिंग पर अब नहीं चलेगी मनमानी, कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई के निर्देश

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बारिश से जर्जर स्कूल-छात्रावास मार्गों की बनेगी सूची, डीएमएफ से काम कराने की तैयारी; अवैध कब्जे, शराब और नशीली दवाओं पर भी कलेक्टर सख्त

रायगढ़। जिले में नियमों को ताक पर रखकर प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों पर अब प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नगरीय क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित भूमि का चिन्हांकन किए बिना प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कॉलोनाइजरों से निर्धारित नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए।

कलेक्टोरेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों के साथ शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि योजनाओं का असर सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए।

बारिश में टूटे रास्तों पर प्रशासन की नजर

बारिश से प्रभावित स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों तक पहुंचने वाले सड़क मार्गों तथा पुल-पुलियों का चिन्हांकन कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों को डीएमएफ मद से स्वीकृत कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया है।

वहीं अवैध अतिक्रमण और दूसरे की भूमि पर कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पीएम आवास में पैसा पहुंचा, निर्माण नहीं तो होगी वसूली

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उन हितग्राहियों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जिनके खातों में आवास निर्माण की राशि पहुंच चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। ऐसे हितग्राहियों से शीघ्र निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए गए। निर्माण में रुचि नहीं लेने वालों के मामलों में नियमानुसार राशि वसूली की कार्रवाई करने की बात भी कही गई।

कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य फसलों को बढ़ावा देने के लक्ष्य और प्रगति की समीक्षा की गई। पीएम आशा योजना के तहत जिले में आठ नए केंद्रों के लिए भेजे गए प्रस्ताव की जानकारी भी ली गई।

स्कूल-छात्रावासों की सुविधाओं की होगी जांच

कलेक्टर ने जिले के स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति देखने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सर्वे की भी समीक्षा की गई।

अवैध शराब और नशीली दवाओं पर सख्ती

जिले में अवैध शराब की बिक्री, परिवहन और नशीली दवाओं के कारोबार पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी बढ़ाने और शिकायत मिलते ही तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

‘हर घर जल’ में सुस्ती पर ठेकेदारों पर भी नजर

जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले के शत-प्रतिशत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम करने को कहा। ‘हर घर जल’ के तहत एक विकासखंड का चयन कर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों की भी जानकारी ली गई और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अधूरे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ दिलाने पर जोर

सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के उपचार के दौरान शासन द्वारा निर्धारित प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रावधानों का पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में योजनाओं के उपयोग की नियमित निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि एक ही प्रकरण में निर्धारित योजना के स्थान पर नियमों के विपरीत किसी अन्य योजना का उपयोग न हो।

बैठक में सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर बैठक में कलेक्टर का संदेश साफ रहा—नियम तोड़कर प्लाटिंग हो, सरकारी योजना में लापरवाही हो, अवैध कब्जा हो या नशे का कारोबार, अब हर मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।