September 24, 2026

साइबर अपराध पर करारा वार — “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का धमाकेदार आगाज़

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रायगढ़ । साइबर अपराध के बढ़ते जाल के बीच जशपुर से एक ऐसी पहल सामने आई है, जिसने साफ कर दिया है कि अब मुकाबला सिर्फ कानून से नहीं, जागरूकता से भी होगा। शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का भव्य विमोचन एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि डिजिटल ठगों के खिलाफ खुला ऐलान बनकर सामने आया।

इस आयोजन में मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय और प्रदेश के डीजीपी अरुण देव गौतम की उपस्थिति ने साफ संकेत दिया कि यह मुद्दा अब सर्वोच्च प्राथमिकता में है।

*🔥 जब पुलिस अफसर बना कहानीकार और चेतावनी का चेहरा*

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं इसके निर्माता — एसएसपी शशि मोहन सिंह। उन्होंने न सिर्फ फिल्म लिखी और निर्देशित की, बल्कि खुद एक पीड़ित शिक्षक बनकर उस दर्द को जिया, जो आज हजारों लोग साइबर ठगी में झेल रहे हैं।

यह पहल बताती है कि पुलिस अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता के जरिए अपराध रोकने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

⚠️ मोबाइल स्क्रीन से लेकर बैंक खाते तक — हर जगह खतरा

फिल्म में उन खतरनाक तरीकों को उजागर किया गया है, जिनसे साइबर अपराधी आम लोगों को जाल में फंसाते हैं—
फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, लिंक फ्रॉड, ओटीपी ठगी…
हर दृश्य एक चेतावनी है कि लापरवाही की कीमत भारी पड़ सकती है।

🎭 स्थानीय कलाकारों ने दिया असलीपन का रंग

प्रवीण अग्रवाल, कुंदन सिंह, ऋभु समर्थ सिंह, वंशिका गुप्ता, लायरा जैन और राम प्रकाश पाण्डेय जैसे कलाकारों ने अपने अभिनय से कहानी को इतना जीवंत बना दिया कि दर्शक खुद को उससे जुड़ा महसूस करने लगे।

🗣️ मंच से साफ संदेश — “जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार”

मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय ने इसे समाज के लिए जरूरी पहल बताया, वहीं डीजीपी अरुण देव गौतम ने स्पष्ट कहा कि इस फिल्म को हर प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना चाहिए।

🏛️ प्रशासन और समाज की साझा भागीदारी

कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी लाल उमेद सिंह, सीईओ अभिषेक कुमार, डीएफओ शशि कुमार, राजीव नंदे सहित कई गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने इसे जन-आंदोलन का रूप दे दिया।

💥 निष्कर्ष — अब ठगों का ‘ख़ौफ़’ नहीं, जनता की जागरूकता का दौर

“ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराध की लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

👉 अब वक्त है — सतर्क रहने का, समझदारी दिखाने का…
👉 क्योंकि अगला शिकार कोई भी हो सकता है।

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