September 24, 2026

घरघोड़ा कोर्ट का कड़ा फैसला: जानलेवा हमले में 7 साल की सश्रम सजा

0
IMG-20260405-WA0005.jpg

घरघोड़ा। न्याय की चौखट से एक सख्त संदेश निकला है। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने बहुचर्चित हमले के मामले में आरोपी प्रताप बरवा को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि कानून के सामने हिंसा और गुंडागर्दी की कोई जगह नहीं।

📌 क्या था पूरा मामला?
थाना छाल के अपराध क्रमांक 128/2019 के अनुसार, 4 अगस्त 2019 की रात करीब 10 बजे घनाराम और परश राम अपने घर लौट रहे थे। तभी विवेकानंद कान्वेंट स्कूल के पास आरोपी ने उनकी बाइक रोक ली। पुरानी रंजिश को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते खूनी हमले में बदल गई।

👉 आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए हॉकी स्टिक से जानलेवा हमला कर दिया।
👉 घनाराम को गर्दन और कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि परश राम के हाथ और शरीर पर वार किए गए।
👉 मौके पर मौजूद विमल राठिया और स्वप्निल सारथी ने बीच-बचाव कर दोनों घायलों की जान बचाई और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

📌 पुलिस कार्रवाई और कोर्ट की सुनवाई
प्रार्थी शैलेष यादव की शिकायत पर तत्कालीन उप निरीक्षक हुलस राम जायसवाल ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। विवेचना पूरी कर प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया, जहां गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

⚖️ किन धाराओं में हुई सजा?
अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए—

– धारा 307 (जानलेवा हमला): 7 वर्ष सश्रम कारावास
– धारा 323: 6 माह
– धारा 294: 1 माह
– धारा 506-बी: 6 माह
➡️ साथ ही कुल ₹4500 का अर्थदंड भी लगाया गया।

🎯 सरकारी पक्ष की पैरवी
मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते अदालत ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर सख्त फैसला सुनाया।

🔥 संदेश साफ है
घरघोड़ा न्यायालय का यह फैसला बताता है कि कानून देर से सही, लेकिन न्याय जरूर देता है—और अपराध करने वालों को उसकी कीमत चुकानी ही पड़ती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *