नेशनल लोक अदालत में 7 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण
“न्याय आपके द्वार” की भावना के साथ पक्षकारों को मिली त्वरित राहत
मुख्य न्यायाधिपति ने वर्चुअल माध्यम से किया शुभारंभ
परिवारिक एवं आपराधिक प्रकरणों में राजीनामा से हुआ समाधान
रायगढ़/ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा द्वारा आज जिला एवं सत्र न्यायालय मुंगेली से वर्चुअल माध्यम से नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर के न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामा के आधार पर निराकरण करने के लिए प्रेरित करते हुए नेशनल लोक अदालत की सफलता हेतु शुभकामनाएं दीं।
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला रायगढ़ एवं जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में लंबित तथा प्री-लिटीगेशन प्रकरणों सहित 7 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। विभिन्न न्यायालयों में आपसी सहमति, समझौते एवं संवाद के माध्यम से प्रकरणों का त्वरित समाधान कर पक्षकारों को राहत प्रदान की गई।
*चलने-फिरने में असमर्थ प्रार्थी तक पहुंची लोक अदालत*
जिला एवं अपर सत्र न्यायालय सारंगढ़-बिलाईगढ़, सिविल जिला रायगढ़ में पदस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आशीष डहरिया की खण्डपीठ क्रमांक-20 में लंबित प्रकरण छत्तीसगढ़ राज्य विरुद्ध मनोज सारथी में एक मानवीय पहल देखने को मिली। प्रार्थी देवप्रसाद के पुत्र द्वारा न्यायालय में उपस्थित होकर बताया गया कि उनके पिता चलने-फिरने में असमर्थ हैं तथा घर में मोबाइल फोन की सुविधा नहीं होने के कारण वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी उपस्थित नहीं हो सकते। स्थिति को देखते हुए पैरालीगल वॉलेंटियर नारद प्रसाद श्रीवास को प्रार्थी के निवास तक भेजा गया। वहां प्रार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजीनामे के संबंध में सहमति ली गई और “न्याय आपके द्वार” की भावना के अनुरूप प्रकरण का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
*कुटुम्ब न्यायालय में भी सुलह से जुड़े परिवार*
कुटुम्ब न्यायालय रायगढ़ में पदस्थ न्यायाधीश विनोद देवांगन द्वारा भी पारिवारिक मामलों में समझाइश एवं आपसी संवाद के माध्यम से तीन परिवारों को पुनः जोड़ने में सफलता प्राप्त की गई। लोक अदालत के दौरान पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को विशेष प्राथमिकता दी गई।
*विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं की रही सक्रिय भागीदारी*
नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में विभिन्न बैंकों, फाइनेंस कंपनियों, विद्युत विभाग, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं पक्षकार उपस्थित रहे। सभी संबंधित विभागों के समन्वय से लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- बरौद के विस्थापित परिवारों ने वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप निर्मित मकानों के सर्वे एवं मुआवजा की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन - July 15, 2026
- शिक्षा विभाग में बड़ा एक्शन या वर्षों की व्यवस्था पर सवाल? गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के संलग्नीकरण पर चला बुलडोजर - July 15, 2026
- “स्कूल से उठी बदलाव की हुंकार” : केराखोल में नई शाला प्रबंधन समिति का गठन, नशामुक्ति की शपथ और साक्षरता रैली से गूंजा पूरा गांव - July 15, 2026
