May 30, 2026

“SDM कार्यालय में संलग्नीकरण का लंबा खेल? एक ही तहसील से वर्षों से कर्मचारियों की तैनाती पर उठे सवाल”

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घरघोड़ा। सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से प्राप्त कार्यालयीन जानकारी ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय घरघोड़ा की प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दस्तावेजों के अनुसार कार्यालय में स्वीकृत 07 पदों में से केवल 04 पद नियमित रूप से भरे हुए हैं, जबकि शेष व्यवस्था संलग्न कर्मचारियों के सहारे चलती दिखाई दे रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारी तहसील कार्यालय घरघोड़ा से संलग्न होकर SDM कार्यालय में कई वर्षों से कार्यरत बताए गए हैं। इनमें ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां 2019 से लगातार संलग्नीकरण जारी है। सवाल यह उठ रहा है कि संलग्नीकरण जैसी व्यवस्था, जो सामान्यतः अस्थायी कार्य व्यवस्था के लिए बनाई जाती है, क्या वह वर्षों तक जारी रह सकती है?

प्रशासनिक नियमों के जानकारों का कहना है कि संलग्नीकरण का उद्देश्य अचानक कार्यभार या विशेष परिस्थितियों में अस्थायी समाधान देना होता है, लेकिन यदि यही व्यवस्था लंबे समय तक चलती रहे तो मूल पदस्थापना और विभागीय व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़े होते हैं।

दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि कुछ कर्मचारी मूल पदस्थापना में हैं, जबकि कुछ तहसील कार्यालय से संलग्न होकर कार्यरत हैं। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इतने लंबे समय से संलग्नीकरण की आवश्यकता क्यों बनी हुई है? क्या नियमित पदस्थापना की प्रक्रिया नहीं हो रही, या फिर अस्थायी व्यवस्था को स्थायी रूप दिया जा रहा है?

अब उठ रहे प्रमुख सवाल —

🔹 क्या संलग्नीकरण की कोई अधिकतम समय सीमा निर्धारित है?
🔹 क्या एक ही तहसील से वर्षों तक कर्मचारियों को संलग्न रखना नियमों के अनुरूप है?
🔹 क्या इन संलग्नीकरणों के लिए समय-समय पर नए आदेश जारी किए गए?
🔹 यदि आदेश जारी हुए, तो उनकी वैधता अवधि कितनी रही?
🔹 क्या जिला स्तर से अनुमति ली गई या केवल कार्यालयीन व्यवस्था के आधार पर कार्य चल रहा है?

(नोट: यह समाचार RTI से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर उठे सवालों पर आधारित है।