May 30, 2026

“SDM कार्यालय में पद खाली, काम जारी! आखिर कब तक ‘संलग्न सिस्टम’ के भरोसे चलेगा प्रशासन?”

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घरघोड़ा। प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय घरघोड़ा की स्थिति को लेकर मार्च 2026 तक RTI से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने कार्यालयीन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र की राजस्व एवं प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले इस कार्यालय में स्वीकृत पदों और वास्तविक कार्य व्यवस्था के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। दस्तावेजों के अनुसार कार्यालय में कुल 7 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वास्तविक रूप से केवल 4 पदों पर व्यवस्था संचालित हो रही है, जबकि बाकी कार्य संलग्न कर्मचारियों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे किए जा रहे हैं।

SDM कार्यालय ऐसा केंद्र माना जाता है जहां प्रतिदिन भूमि संबंधी प्रकरण, नामांतरण, बंटवारा, जाति-निवास प्रमाण पत्र, शिकायतें, राजस्व संबंधी सुनवाई और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण कार्यालय में यदि स्वीकृत पदों पर पूर्ण व्यवस्था न हो तो यह केवल कर्मचारियों की कमी का मामला नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यक्षमता पर भी सवाल खड़ा करता है।

मार्च 2026 तक RTI से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार कार्यालय में स्टेनोग्राफर और भृत्य जैसे महत्वपूर्ण पद रिक्त पाए गए हैं। वहीं कई कर्मचारियों को दूसरे कार्यालयों से संलग्न कर व्यवस्था बनाई गई है। जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारी तहसील कार्यालय से संलग्न हैं, जबकि एक कर्मचारी विकासखंड शिक्षा विभाग से संलग्न होकर कार्य कर रहा है।

अब चर्चा इस बात की भी होने लगी है कि यदि दूसरे विभागों से कर्मचारियों को लाकर किसी कार्यालय की व्यवस्था चलाई जा रही है, तो क्या उनके मूल विभागों के कार्य प्रभावित नहीं हो रहे होंगे? और यदि किसी कारण से संलग्न कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया जाए, तो क्या SDM कार्यालय की व्यवस्था पर असर नहीं पड़ेगा?

अब इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—

🔥 क्या SDM कार्यालय स्थायी प्रशासनिक व्यवस्था से चल रहा है या अस्थायी “संलग्न सिस्टम” से?
🔥 स्वीकृत पदों पर नियमित नियुक्ति अब तक क्यों नहीं हुई?
🔥 रिक्त पदों को भरने के लिए क्या कोई प्रस्ताव भेजा गया?
🔥 यह व्यवस्था कितने समय से चल रही है?
🔥 क्या उच्च अधिकारियों ने इस स्थिति की समीक्षा की है?
🔥 क्या कर्मचारियों की कमी का प्रभाव जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है?

प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर यह मामला अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है।