July 16, 2026

“घरघोड़ा शिक्षा विभाग में मचेगी हलचल! संलग्न कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, अब RTI से खुलेगा पूरा राज”

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घरघोड़ा, रायगढ़।लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा 25 जून 2026 को जारी आदेश के बाद शिक्षा विभाग में वर्षों से विभिन्न कार्यालयों में संलग्न (अटैच) कर्मचारियों और शिक्षकों की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक के निर्देशों के बाद अब सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को अपने कार्यालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों में संलग्न कर्मचारियों/शिक्षकों की पूरी जानकारी तत्काल संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों और शिक्षकों को मूल पदस्थापना छोड़कर अन्य कार्यालयों में संलग्न किया गया है, उन्हें तत्काल उनके मूल संस्थान में कार्यमुक्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, किस कर्मचारी को किस आदेश के तहत, कब और कहाँ संलग्न किया गया, इसकी पूरी जानकारी भी मांगी गई है।

घरघोड़ा BEO कार्यालय पर रहेंगी सबकी निगाहें

अब सबसे बड़ा सवाल घरघोड़ा विकासखंड शिक्षा कार्यालय को लेकर उठ रहा है। लंबे समय से चर्चा है कि कई कर्मचारी एवं शिक्षक मूल पदस्थापना से हटकर अन्य स्थानों पर कार्यरत हैं। अब संचालनालय के आदेश के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि घरघोड़ा BEO कार्यालय शासन को क्या जानकारी भेजता है।

RTI के बाद ही खुलेगा पूरा सच!

हालांकि वास्तविक तस्वीर तब सामने आएगी जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, घरघोड़ा से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी प्राप्त होगी। RTI के माध्यम से यह स्पष्ट होगा कि—

कितने कर्मचारी और शिक्षक संलग्न थे?

किस आदेश के आधार पर संलग्न किया गया?

कितने वर्षों से संलग्न थे?

क्या सभी को वास्तव में मूल संस्था में कार्यमुक्त किया गया?

शासन को भेजी गई सूची और वास्तविक स्थिति में कोई अंतर तो नहीं?

यदि RTI में प्राप्त जानकारी और शासन को भेजे गए रिकॉर्ड में अंतर मिलता है, तो यह प्रशासनिक जवाबदेही का गंभीर विषय बन सकता है।

अब निगाहें RTI के जवाब पर

घरघोड़ा शिक्षा विभाग में वर्षों से चली आ रही संलग्नीकरण व्यवस्था पर अब पर्दा उठने की उम्मीद है। RTI से मिलने वाली जानकारी ही बताएगी कि विभागीय आदेशों का पालन हुआ या नहीं, और आखिर किन कर्मचारियों को किस आधार पर वर्षों तक मूल पदस्थापना से अलग रखा गया।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या घरघोड़ा BEO कार्यालय पूरी और सही जानकारी देगा, या RTI में होगा बड़ा खुलासा?