शादी का झांसा देकर युवती का दैहिक शोषण, 24 घंटे में आरोपी सलाखों के पीछे
‘पत्नी बनाकर साथ रखने’ का दिया था भरोसा, विवाह से मुकरने के बाद पीड़िता पहुंची थाने; ‘अभियान संवेदना’ के तहत रायगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई
रायगढ़। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई के अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए रायगढ़ पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती का कथित रूप से दैहिक शोषण करने के आरोपी को शिकायत दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय पीड़िता ने 7 जुलाई 2026 को थाना पूंजीपथरा में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि अक्टूबर 2025 में अपनी सहेली के यहां जन्मदिन समारोह के दौरान उसकी पहचान शेखर बघेल से हुई थी। परिचय के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आरोपी ने लगातार प्रेम का इजहार करते हुए जीवनभर साथ निभाने तथा शादी करने का वादा किया।
पीड़िता के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को आरोपी उसे मिलने के बहाने मोटरसाइकिल से गेरवानी स्थित अपने घर ले गया। वहां उसने पत्नी बनाकर साथ रखने का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी आरोपी लंबे समय तक उसे पत्नी की तरह अपने साथ रखकर संबंध बनाता रहा।
शादी की बात उठी तो मारपीट कर घर से निकाला
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जब पीड़िता ने विवाह करने का दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ा और आरोपी ने कथित रूप से गाली-गलौज व मारपीट की। अंततः 3 जुलाई 2026 को उसे घर से निकाल दिया, जिसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के पास लौट गई और पुलिस से न्याय की मांग की।
24 घंटे में गिरफ्तारी, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
शिकायत के आधार पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 161/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस ने शेखर बघेल (20 वर्ष), पिता कमल बघेल, निवासी ग्राम गोर्रा, थाना कोतरारोड़, हाल मुकाम गेरवानी, थाना पूंजीपथरा, जिला रायगढ़ को उसके निवास से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
‘अभियान संवेदना’ के तहत महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक संध्यारानी कोका, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, आरक्षक विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल एवं चंद्रशेखर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ कार्रवाई कर रही है तथा ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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