August 31, 2026

घरघोड़ा जनपद में RTI का धमाका! एक हफ्ते में दो प्रथम अपील, जिला पंचायत CEO ने कसा शिकंजा—सामुदायिक विकास निधि और CSR के कागज खंगालने के निर्देश

IMG-20260818-WA0001.jpg

बिल-वाउचर से लेकर MB, UC और Completion Certificate तक मांगा हिसाब, 19 अगस्त की डेडलाइन से बढ़ी हलचल

रायगढ़/घरघोड़ा। जनपद पंचायत घरघोड़ा में सामुदायिक विकास निधि और CSR मद से हुए विकास कार्यों के हिसाब-किताब को लेकर RTI ने ऐसा हड़कंप मचाया है कि महज एक सप्ताह के भीतर दो प्रथम अपील प्रकरण जिला पंचायत रायगढ़ के प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं CEO अभिजीत पठारे के सामने पहुंच गए। दोनों मामलों में जनपद पंचायत घरघोड़ा के जनसूचना अधिकारी/CEO को जानकारी उपलब्ध कराने और कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

🔥 पहली अपील—सामुदायिक विकास निधि पर सवाल

आवेदक शैलेश शर्मा, निवासी वार्ड क्रमांक 09, घरघोड़ा ने सामुदायिक विकास निधि से संबंधित कार्यों और भुगतानों की जानकारी RTI के माध्यम से मांगी थी। जानकारी समय पर अथवा अपेक्षित रूप से उपलब्ध नहीं होने पर प्रथम अपील की गई।

05 अगस्त 2026 को जिला पंचायत CEO द्वारा जारी आदेश में जनपद पंचायत घरघोड़ा के जनसूचना अधिकारी/CEO को निर्देश दिया गया कि RTI के तहत दी जा सकने वाली संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराते हुए 14 अगस्त 2026 से पूर्व पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

⚡ दूसरी अपील—CSR का भी खुलवाया पूरा हिसाब

इसके कुछ ही दिनों बाद 10 अगस्त 2026 को दूसरा प्रथम अपील प्रकरण सामने आया। इस बार RTI में 01 मार्च 2023 से 01 अप्रैल 2026 तक जनपद पंचायत क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों द्वारा CSR मद से स्वीकृत कार्यों की जानकारी मांगी गई।

RTI में मांगी गई जानकारी में शामिल हैं—

🔹 CSR से स्वीकृत सभी कार्य एवं संबंधित कंपनी का नाम
🔹 स्वीकृति राशि और कार्य की वर्तमान स्थिति
🔹 प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति की प्रमाणित प्रतियां
🔹 कार्यादेश/वर्क ऑर्डर
🔹 Utilization Certificate (UC)
🔹 Completion Certificate
🔹 किए गए भुगतान और भुगतान प्राप्तकर्ता/एजेंसी का विवरण
🔹 संबंधित Measurement Book (MB) की प्रमाणित प्रतियां

जिला पंचायत CEO ने इस मामले में भी जनपद पंचायत के जनसूचना अधिकारी/CEO को कार्रवाई कर 19 अगस्त 2026 तक पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

🚨 अब असली सवाल—कागज खुलेंगे तो क्या सामने आएगा?

सामुदायिक विकास निधि और CSR से होने वाले कार्यों में स्वीकृति, कार्यादेश, भुगतान, MB, UC और Completion Certificate जैसे दस्तावेज बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इन दस्तावेजों से यह पता चल सकता है कि किस कार्य को कितनी राशि में स्वीकृति मिली, किसे भुगतान किया गया और कार्य वास्तव में कितना हुआ।

हालांकि, केवल RTI में जानकारी मांगे जाने या प्रथम अपील होने से भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता साबित नहीं होती। वास्तविक स्थिति दस्तावेज मिलने और उनके परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।

🔥 एक सप्ताह में दो अपील ने बढ़ाई प्रशासनिक हलचल

एक तरफ सामुदायिक विकास निधि के मामले में जिला पंचायत CEO द्वारा कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं दूसरी तरफ CSR कार्यों को लेकर भी प्रथम अपील में जनपद पंचायत से रिकॉर्ड तलब किया गया है।

अब 19 अगस्त की समय-सीमा पर सबकी नजरें टिकी हैं। सवाल सीधा है—

क्या सामने आएगा सामुदायिक विकास निधि और CSR का पूरा कच्चा-चिट्ठा?

किसे मिला भुगतान, कहां हुआ काम और कितनी राशि हुई खर्च—RTI के दस्तावेज खोलेंगे राज!

घरघोड़ा जनपद में RTI की दस्तक के बाद अब रिकॉर्ड रूम से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक हलचल तेज है। आने वाले दिनों में दस्तावेज सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।