September 23, 2026

“पेलमा में विकास की गूंज!” — ऐतिहासिक जनसमर्थन के बीच SECL की कोल माइन परियोजना की लोक सुनवाई सफल संपन्न

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⚡ हजारों ग्रामीणों की सहभागिता, रोजगार और विकास की उम्मीदों के साथ पेलमा में दिखा अभूतपूर्व उत्साह

रायगढ़। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना के लिए आयोजित लोक सुनवाई सोमवार को ग्राम पेलमा में भारी उत्साह, अभूतपूर्व जनसमर्थन और सकारात्मक माहौल के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों की मौजूदगी ने क्षेत्र में विकास, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को लेकर लोगों की बढ़ती उम्मीदों को स्पष्ट रूप से सामने रखा।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 14 सितंबर 2006 (संशोधित प्रावधानों सहित) के तहत आयोजित इस महत्वपूर्ण लोक सुनवाई की अध्यक्षता अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। वहीं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पांडेय की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

प्रस्तावित परियोजना लगभग 2077.934 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जानी है, जिसकी उत्पादन क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) प्रस्तावित है। परियोजना से ग्राम पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरिडीह, सक्ता, मिलूपारा एवं खर्रा सहित आसपास के कई गांव प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे।

लोक सुनवाई के दौरान SECL के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (EIA), पर्यावरण प्रबंधन योजना तथा सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों द्वारा पूछे गए सवालों, सुझावों और जिज्ञासाओं का अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी और क्षेत्र में रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा कीं।

ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने वक्तव्य में कहा कि परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। महिलाओं ने भी महिला स्व-सहायता समूह, स्वरोजगार एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि परियोजना आगे बढ़ने के साथ इन योजनाओं का और विस्तार होगा।

इस अवसर पर ग्रामीणों ने SECL एवं MDO द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सामुदायिक भवन एवं अन्य विकास कार्यों में किए जा रहे प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि इन पहलों से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

पूरी लोक सुनवाई प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जनसहभागिता, सकारात्मक संवाद और सुव्यवस्थित संचालन ने इस आयोजन को क्षेत्र के विकास से जुड़े एक महत्वपूर्ण और प्रभावी जनपरामर्श कार्यक्रम के रूप में स्थापित कर दिया।

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