कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम: लंबित राजस्व प्रकरणों में अब नहीं चलेगी लापरवाही
पटवारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर, सुशासन तिहार के मामलों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश
नामांतरण, बटांकन, डिजिटल किसान किताब और स्वामित्व योजना की समीक्षा, अधिकारियों से मांगा जवाब
रायगढ़। जिले में वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों और आम जनता की शिकायतों को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित मैराथन समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि राजस्व मामलों में लापरवाही और ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिलेभर के लंबित नामांतरण, बटांकन, राजस्व अभिलेख सुधार, डिजिटल किसान किताब, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक और सुशासन तिहार के आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश स्तर पर भी इन कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं होगी।
पटवारियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत
कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ पटवारियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। जो पटवारी कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जबकि बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व विभाग के कार्यों का असर सीधे आम जनता पर पड़ता है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी जवाबदेही समझनी होगी।
सुशासन तिहार के आवेदनों पर विशेष फोकस
बैठक में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त हजारों आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लंबित आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।
इन महत्वपूर्ण मामलों की हुई समीक्षा
बैठक में नामांतरण, बटांकन, नक्शा सुधार, स्वामित्व योजना, वनाधिकार पट्टा, फौती नामांतरण, खाता विभाजन, रिकॉर्ड दुरुस्ती, नजूल नवीनीकरण, नारंगी भूमि सर्वे, राजस्व सर्वेक्षण, आरबीसी 6-4, ई-कोर्ट प्रविष्टि, एक वर्ष से अधिक लंबित प्रकरण, पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने सभी तहसीलों को कार्ययोजना बनाकर लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि जनता को समय पर राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर रवि राही, प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर का दो टूक संदेश
«”राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करें, लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी और बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।”»
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