September 24, 2026

जशपुर में ‘लोकतंत्र का चौथा स्तंभ’ भी सुरक्षित नहीं: पत्थलगांव में पत्रकार का फिल्मी स्टाइल में अपहरण, जान से मारने की कोशिश और लूटपाट!…

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जशपुर। जिले में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी पत्थलगांव में देखने को मिली है। बेखौफ बदमाशों ने न केवल एक पत्रकार का फिल्मी स्टाइल में पीछा किया, बल्कि उनका अपहरण कर सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से मारपीट और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। गनीमत रही कि भीड़ में से किसी ने पत्रकार को पहचान लिया, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

क्या है पूरा मामला? – मिली जानकारी और थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार अजीत गुप्ता (निवासी पुरानी बस्ती, पत्थलगांव) के साथ यह वारदात 18 जनवरी 2026 की रात करीब 9:30 बजे हुई। पत्रकार अपनी स्कूटी से पाकरगांव जा रहे थे, तभी पालीडीह चौक के पास उनका पेट्रोल खत्म हो गया। वे अपने मित्र प्रेम सिंह राजपूत के साथ पेट्रोल लेकर वापस आ रहे थे, तभी एक तेज रफ़्तार पिकअप (CG 14 NX 2987) ने उन्हें कार वॉश के पास कुचलने की कोशिश की।

फिल्मी स्टाइल में पीछा और किडनैपिंग : जब पत्रकार ने गाड़ी रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें घरजियाबथान तक दौड़ाया। जैसे ही पत्रकार ने उनसे गाड़ी तेज चलाने का कारण पूछा, गाड़ी से दो लोग उतरे और उन्हें जबरन गाड़ी में ठूंसकर ‘तमता’ ले गए। वहां पहले से खड़ी एक काले रंग की स्कॉर्पियो से अंकित त्रिपाठी, सूरज त्रिपाठी, भारत भूषण त्रिपाठी और तीन अन्य लोग निकले।

बेरहमी से पिटाई और लूट : आरोपियों ने पत्रकार अजीत गुप्ता को लात-घूंसों से पीटा और भद्दी-भद्दी गालियां दीं। इस दौरान उनका मोबाइल, चश्मा और जेब में रखे 4640 रुपये लूट लिए गए।

“ये पत्रकार है, मत मारो वरना फंस जाएंगे” : मारपीट के दौरान जब पत्रकार का दोस्त बीच-बचाव करने पहुंचा, तो भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर कहा- “यह पत्रकार है, इसे मत मारो नहीं तो हम सब फंस जाएंगे।” यह सुनते ही आरोपियों के होश उड़ गए। उन्होंने डर के मारे पत्रकार का चश्मा और मोबाइल तो वापस कर दिया, लेकिन पैसे नहीं लौटाए और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भागने को कहा।

पुलिस प्रशासन पर सवाल : डरे-सहमे पत्रकार ने पत्थलगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अब सवाल यह उठता है कि जब समाज का आईना कहे जाने वाले पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा? पुलिस ने आवेदन ले लिया है, लेकिन अब देखना यह होगा कि अंकित त्रिपाठी, सूरज त्रिपाठी और भारत भूषण त्रिपाठी जैसे नामजद आरोपियों पर पुलिस कब तक कड़ा एक्शन लेती है।

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