September 23, 2026

रायपुर मां-बेटी हत्याकांड में आरोपी को आजीवन कारावास; निरीक्षक कुमार गौरव साहू की सटीक विवेचना रही निर्णायक

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रायगढ़।रायपुर के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अक्टूबर 2022 में चंगोराभांठा में हुए बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में 27 नवंबर को माननीय द्वादश अपर सत्र न्यायाधीश रायपुर श्री दिग्विजय सिंह की अदालत ने आरोपी सौरभ उपाध्याय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका तत्कालीन थाना प्रभारी डीडी नगर निरीक्षक कुमार गौरव साहू की रही, जिनकी दृढ़ता, तत्परता और बेहतरीन विवेचना ने इस जघन्य हत्याकांड को अदालत में प्रमाणित किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया। अभियोजन के अनुसार 20 अक्टूबर 2022 को प्रार्थी विवेक पांडे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी मां श्रीमती रमा पांडे और बहन श्रीमती मनीषा उपाध्याय चंगोराभांठा के वसुंधरा नगर में रह रही थीं। उसी दिन मकान मालिक ने सूचित किया कि दामाद सौरभ उपाध्याय घर आया और पारिवारिक विवाद में लोहे के पाइप से दोनों पर हमला कर उनकी हत्या कर फरार हो गया। दीनदयाल नगर थाने में अपराध क्रमांक 513/2022 धारा 302 पंजीबद्ध किया गया।

मामला दर्ज होते ही निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया, महत्त्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य सुरक्षित किए, फॉरेंसिक टीम के साथ समन्वय बनाकर वैज्ञानिक प्रमाण जुटाए और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लक्ष्यित कार्रवाई की। उनकी विवेचना में एक-एक तथ्य को तार्किक रूप से जोड़कर ऐसा मजबूत केस तैयार किया गया कि अदालत में 14 दस्तावेजी साक्ष्य और 35 गवाहों के बयान पूरी तरह अभियोजन के पक्ष में अखंडनीय साबित हुए।

अभियोजन की पैरवी अपर लोक अभियोजक श्रीमती जानकी बिलथरे ने की, जिन्होंने निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा तैयार किए गए ठोस साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उपलब्ध प्रमाणों और तर्कों पर सहमति व्यक्त करते हुए न्यायालय ने माना कि आरोपी सौरभ उपाध्याय ने घटना वाले दिन लोहे के पाइप से अपनी सास और पत्नी की हत्या की थी, जिसके आधार पर उसे धारा 302 आईपीसी में आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया।इस फैसले के साथ एक बार फिर यह साबित हुआ कि निरीक्षक कुमार गौरव साहू की नेतृत्व क्षमता, सटीक जांच और पेशेवर दक्षता ने एक जटिल और संवेदनशील मामले को सफलतापूर्वक न्याय तक पहुँचाया। मामले को सफलतापूर्वक न्याय तक पहुँचाया।

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